पंचांग: गोपाष्टमी के शुभ योग में करें मां दुर्गा की पूजा, पितृ कृपा से मिलेगा विशेष आशीर्वाद

 आज 30 अक्टूबर, 2025 गुरुवार, के दिन कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर माता दुर्गा का शासन है. इस दिन पितृ पूजा की जा सकती है, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए अशुभ तिथि मानी जाती है. आज गोपाष्टमी और मासिक दुर्गाष्टमी है. आज रवि योग भी बन रहा है.

30 अक्टूबर का पंचांग

  1. विक्रम संवत : 2081
  2. मास : कार्तिक
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष अष्टमी
  4. दिन : गुरुवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष अष्टमी
  6. योग : शूल
  7. नक्षत्र : श्रवण
  8. करण : बव
  9. चंद्र राशि : मकर
  10. सूर्य राशि : तुला
  11. सूर्योदय : सुबह 06:43 बजे
  12. सूर्यास्त : शाम 06:03 बजे
  13. चंद्रोदय : दोपहर 01.42 बजे
  14. चंद्रास्त : देर रात 12.42 बजे (31 अक्टूबर)
  15. राहुकाल : 13:48 से 15:13
  16. यमगंड : 06:43 से 08:08

अस्थायी प्रकृति के कार्यों के लिए अच्छा है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मकर राशि और श्रवण नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मकर राशि में 10 डिग्री से लेकर 23:20 तक फैला हुआ है. इसके देवता हरि हैं और इस नक्षत्र पर चंद्रमा का शासन है. यह गतिशील तारा है, जिसमें यात्रा करने, वाहन चलाने, बागवानी करने, जुलूस में जाने, दोस्तों से मिलने, खरीदारी करने और अस्थायी प्रकृति के किसी भी तरह के कार्य किए जा सकते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 13:48 से 15:13 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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